इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति ने विदेशी हस्तक्षेप और आतंकवाद के शक्तिशाली होने को मध्य पूर्व विशेषकर सीरिया की समस्त समस्याओं का कारण बताया है।
राष्ट्रपति हसन रूहानी ने बुधवार को, विशेषज्ञ संसद के चौथे चरण की चौदहवीं बैठक में इस बात का वर्णन करते हुए कि सीरिया की सुरक्षा, इस्लामी गणतंत्र ईरान के लिए अत्याधिक महत्व रखती है कहा कि सीरिया की सब से बड़ी समस्या, विदेशियों का हस्तक्षेप तथा आतंकवादियों को खुली छूट देना है और यह एसी स्थिति में है कि इस देश के भविष्य निर्धारण का अधिकार इस देश की जनता के हाथ में होना चाहिए। उन्होंने अमरीका और कुछ पश्चिमी देशों की ओर से सीरिया के विरुद्ध सैन्य कार्यवाही पर आग्रह की ओर संकेत करते हुए कहा कि पश्चिमी राष्ट्र, युद्ध के परिणामों को देख चुके हैं और उन्हें ज्ञात है कि युद्ध हर राष्ट्र के लिए विनाशकारी होता है। उन्होंने कहा कि अमरीकी सरकार की ओर से इस देश की कांग्रेस से अनुमति लेने का प्रयास इस बात का सूचक है कि सीरिया पर आक्रमण के लिए अमरीकी सरकार के पास, विश्व जनमत, सुरक्षा परिषद और संयुक्त राष्ट्र संघ से अनुमति नहीं है।
उन्होंने युद्ध रोकने के लिए ईरान के समस्त प्रयासों पर बल देते हुए कहा कि ईरान को ज्ञात है कि युद्ध से पूरे क्षेत्र के लिए क्या समस्याएं हो सकती हैं इसी लिए तेहरान, युद्ध रोकने के लिए सभी राजनीतिक प्रयास कर रहा है।
इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने कहा कि सीरिया के विरुद्ध सैन्य कार्यवाही से न केवल क्षेत्र बल्कि अमरीका के मित्रों को भी नुकसान पहुंचेगा और उससे किसी को कोई लाभ नहीं मिलेगा।
राष्ट्रपति ने इस बैठक में अपनी सरकार की आतंरिक नीतियों की भी व्याख्या की।